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International Journal of Applied Research
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ISSN Print: 2394-7500, ISSN Online: 2394-5869, CODEN: IJARPF

International Journal of Applied Research

Vol. 2, Issue 4, Part L (2016)

भारतीय स्वतंत्रता के आरंभिक दशकों में दलित आंदोलन

Author(s)
सोनी कुमारी
Abstract
भारतीय स्वाधीनता-संग्राम में दलितों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। यह संग्राम राष्ट्रव्यापी संग्राम था, जिसमें पूरे देशवासियों का योगदान समान रूप से है। यह अलग बात है कि इतिहासकारों ने दलितों की भूमिका को गौण कर दिया। लेकिन 15 अगस्त, 1947 ई. में जो आजादी मिली, उसकी पृष्ठभूमि बहुत पहले से तैयार हो रही थी। इस पृष्ठभूमि निर्माण में दलित-वर्गों ने जी-जान से सहयोग किया। डाॅ॰ अम्बेदकर, पेरियार, ज्योतिबा फुले आदि ने जो मानसिकता निर्मित की है, उसी को लेकर राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम की लड़ाई लड़ी गयी और सफलता मिली है।
Pages: 757-759  |  24 Views  7 Downloads
How to cite this article:
सोनी कुमारी. भारतीय स्वतंत्रता के आरंभिक दशकों में दलित आंदोलन. Int J Appl Res 2016;2(4):757-759.
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