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International Journal of Applied Research
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ISSN Print: 2394-7500, ISSN Online: 2394-5869, CODEN: IJARPF

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International Journal of Applied Research

Vol. 3, Issue 1, Part L (2017)

आचार्य विनोबा भावे की दृष्टि में सर्वोदय की अवधारणा

Author(s)
डाॅ. प्रतिमा कुमारी
Abstract
आचार्य विनोबा भावे ने सर्वोदय समाज की स्थापना की। यह रचनात्मक कार्यकर्ताओं का अखिल भारतीय संघ था। इसका उद्देश्य अहिंसात्मक तरीके से देश में सामाजिक परिवर्तन लाना था। इस कार्यक्रम में वे पदयात्री की तरह गाँव-गाँव घूमे और इन्होंने लोगों से भूमिखण्ड दान करने की याचना की, ताकि उसे कुछ भूमिहीनों को देकर उनका जीवन सुधारा जा सके। उनका यह आह्वान जितना प्रभावी रहा, वह विस्मित करता है। वे गांधीवादी विचारों पर चले। रचनात्मक कार्यों और ट्रस्टीशिप जैसे विचारों का प्रयोग किया।
Pages: 974-976  |  197 Views  3 Downloads
How to cite this article:
डाॅ. प्रतिमा कुमारी. आचार्य विनोबा भावे की दृष्टि में सर्वोदय की अवधारणा. Int J Appl Res 2017;3(1):974-976.
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