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International Journal of Applied Research
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ISSN Print: 2394-7500, ISSN Online: 2394-5869, CODEN: IJARPF

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Vol. 8, Issue 3, Part B (2022)

कोविड़-19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई के केंद्र में भारतीय महिलाओं का सामरिक विश्लेषण

कोविड़-19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई के केंद्र में भारतीय महिलाओं का सामरिक विश्लेषण

Author(s)
डॉ. अनु रस्तोगी, हिमानी शर्मा
Abstract
कोविड-19 महामारी अब तक विश्व के 223 देशों व द्वीपों तक अपना प्रसार कर चुकी है। इस महामारी से संक्रमित लोगों की संख्या 43.3 करोड़ से अधिक है, जिनमें 35.05 करोड़ से अधिक व्यक्ति ठीक हो चुके हैं, 59.6 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है तथा शेष का उपचार जारी है। इस महामारी से वैश्विक स्तर पर जनजीवन, अर्थव्यवस्था, राज्य व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था, जीवनधारा, व्यवहार प्रतिमान सभी प्रभावित हुए हैं। भारत में इस महामारी ने पहले से विद्यमान असमानताओं को और अधिक बढ़ा दिया है, इसने हमारी सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक व्यवस्था में व्याप्त कमियों को भी स्पष्ट किया है, जिनके कारण इस महामारी के प्रभाव और अधिक व्यापक हो गए हैं। स्वास्थ्य से लेकर अर्थव्यवस्था तक, सुरक्षा से लेकर सामाजिक संरक्षण तक, व्यवहार से लेकर विचारधारा तक प्रत्येक क्षेत्र में कोविड-19 का प्रभाव महिलाओं व लड़कियों पर अपेक्षाकृत गहनता से पड़ा है। आर्थिक प्रभावों को महिलाओं ने अधिक महसूस किया है, चाहे वह बचत में आने वाली कमी के रूप में हो या नौकरी की अनिश्चितता के रूप में या फिर तुलनात्मक गरीबी की स्थिति के संबंध में हो। यह कोविड-19 से जुड़ी प्रारंभिक रिपोर्ट में ही स्पष्ट था कि इस महामारी के कारण पुरुष की मृत्यु दर महिलाओं से अधिक है तथा महिलाओं के स्वास्थ्य पर, संसाधनों व प्राथमिकताओं के नए सिरे से पुनर्वितरण ने, जिसमें प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं भी सम्मिलित हैं, प्रतिकूल प्रभाव डाला है। महिला की बेरोजगारी दर तथा उनके अवैतनिक श्रम में अप्रत्याशित वृद्धि के साथ ही साथ उनका मानसिक स्वास्थ्य व शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ है। वे पोषण व खाद्य सुरक्षा के निचले स्तर पर पहुंच गईं हैं। इस दौरान घरेलू हिंसा व यौन शोषण की शिकायतें पहले की अपेक्षा अधिक हो गई। इस दौरान एक तरफ अनेक लड़कियां व महिलाएं ऋणग्रस्तता की मार झेलती हुई एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन का बोझ उठाने को मजबूर हुईं तथा दूसरी तरफ लाखों की संख्या में महिलाएं डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिस, सफाईकर्मी आदि के रूप में फ्रन्टलाइन वर्कर की भूमिका निभाती नजर आईं। इस महामारी ने देश की आधी आबादी को किस प्रकार प्रभावित किया है इसी का विशेलेषण इस शोध पत्र में किया जा रहा है।
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How to cite this article:
डॉ. अनु रस्तोगी, हिमानी शर्मा. कोविड़-19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई के केंद्र में भारतीय महिलाओं का सामरिक विश्लेषण. Int J Appl Res 2022;8(3):78-86. DOI: 10.22271/allresearch.2022.v8.i3b.9530
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