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International Journal of Applied Research
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ISSN Print: 2394-7500, ISSN Online: 2394-5869, CODEN: IJARPF

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Peer Reviewed Journal

Vol. 8, Issue 6, Part A (2022)

डिजिटल करेंसी: एक नवीन अवधारणा

डिजिटल करेंसी: एक नवीन अवधारणा

Author(s)
प्रेम परिहार
Abstract
विश्व में क्रिप्टो मुद्रा के बढ़ते प्रचलन को ध्यान में रखते हुए भारत ने भी बजट 2022-23 में डिजिटल मुद्रा के रूप में डिजिटल रूपया जारी करने की घोषणा की है। डिजिटल मुद्रा को कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट आदि तकनीकों से उपयोग में लाया जाएगा। डिजिटल मुद्रा सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के रूप में होगी। इस मुद्रा का नाम डिजिटल रूपया (Digital Rupee) होगा। इस मुद्रा को आभासी मुद्रा के रूप में भी जाना जा सकेगा क्योंकि इसे देखा या छुआ नहीं जा सकेगा और न ही जेब या पर्स में रखा जा सकेगा। इस मुद्रा (करेंसी) को भारतीय रिज़र्व बैंक जारी करेगा। यह ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होगी। इस प्रकार की मुद्रा के कई लाभ है जैसे कि इससे नकदी पर निर्भरता कम होगी। इससे कागजी मुद्रा की छपाई, भण्डारण और परिवहन की लागतों में कमी होगी। साथ ही देश के संसाधनों की बचत भी होगी। इससे कम समय एवं कम लागत में भुगतान हो सकेगा। परन्तु इसके नियमन एवं नियंत्रण हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक को वैधानिक उपायों एवं दण्डों की आवश्यकता होगी। सरकार को भी सचेत रहने की आवश्यकता है ताकि इसके दुरूपयोग से बचा जा सके।
Pages: 29-31  |  1084 Views  288 Downloads


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How to cite this article:
प्रेम परिहार. डिजिटल करेंसी: एक नवीन अवधारणा. Int J Appl Res 2022;8(6):29-31.
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