महिला सशक्तिकरण: विकसित भारत में एक मुख्य आधार स्तम्भ
Author(s)
स्मृति शर्मा, सोनी
Abstract
इतिहास में महिलाओं का नेतृत्व हमेशा प्रेरणादायक रहा है । उन्होंने अपने साहस, बुद्धिमत्ता और दूरदृष्टि से दुनिया को नया स्वरूप दिया है। चाहे राजनीति हो, सामाजिक सुधार हो, शिक्षा हो या विज्ञान, महिलाओं ने अपनी शक्ति और योग्यता का परिचय दिया है। उनके योगदान को न केवल इतिहास में सम्मानित किया गया है, बल्कि वह आने वाली पीढियां के लिए भी प्रेरणा बनी रहेगी ।महिला नेतृत्व यह सिद्ध करता है कि महिला सशक्तिकरण और समानता के साथ, समाज एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो रहा है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक महिलाओं ने अपने अधिकारों, समाज के कल्याण और अपने राष्ट्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हालांकि उन्हें हमेशा सामाजिक बाधाओं, पितृसत्तात्मक, मानसिकता और भेदभाव का सामना करना पड़ा, लेकिन उनके अद्वितीय नेतृत्व कौशल ने समाज में बदलाव लाने का मार्ग प्रशस्त किया। कॉविड-19 के बाद, महिला नेताओं ने दिखाया कि संकट के समय सहानुभूति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता से समाज को सुरक्षित और स्थिर रखा जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और समाज सुधार में गए मानक स्थापित किए। हालांकि महिलाओं के लिए अभी भी कई चुनौतियां बनी हुई है, लेकिन कॉविड के बाद का समय यह दर्शाता है कि जब महिलाओं को अवसर दिया जाता है तो वह दुनिया को एक बेहतर दिशा में ले जा सकती है ।वर्तमान समय में महिला नेताओं ने वैश्विक और राष्ट्रीय मंचों पर अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज करायी है ।उनके नेतृत्व ने यह सिद्ध किया है कि महिलाएं न केवल प्रभावी शासन कर सकती है बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी सक्षम है। हाल ही में भारत, पाकिस्तान युद्ध के दौरान कर्नल सोफिया कुरेशी जो भारतीय सेवा की वरिष्ठ अधिकारी है, ने 2025 के प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी भूमिका के लिए राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया। जो भारतीय सेवा में कर्नल के पद पर है और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारतीय दल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला के रूप में जानी जाती हैं। साथ ही विंग कमांडर व्योमिका सिंह भारतीय वायुसेना(IAF) में एक अधिकारी है, जो फ्लाइंग ब्रांच में हेलीकॉप्टर पायलट (के रूप में कार्यरत है) की उपलब्धियां ने भारतीय सेवा में महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की है और उन्होंने यह साबित किया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में चाहे वह युद्ध का मैदान हो या अंतरराष्ट्रीय मंच नेतृत्व करने और सफल होने में सक्षम है । अतः हम कह सकते हैं कि भारत के सुनहरे भविष्य के पथ पर अग्रसर करने हेतु महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगी ।