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International Journal of Applied Research
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ISSN Print: 2394-7500, ISSN Online: 2394-5869, CODEN: IJARPF

IMPACT FACTOR (RJIF): 8.4

Vol. 1, Issue 2, Part C (2015)

ब्रिटिश साम्राज्यवाद और भारत

ब्रिटिश साम्राज्यवाद और भारत

Author(s)
Dr. Deepika Yadav
Abstract
साम्राज्यवाद का अर्थ आधुनिक काल में 'साम्राज्यवाद' शब्द का प्रयोग दो अर्थों में किया जाता है- पहला आर्थिक और दूसरा राजनीतिक। आर्थिक साम्राज्यवाद का तात्पर्य एक देश द्वारा दूसरे देश के आर्थिक शोषण तथा स्वामित्व से है। राजनीतिक साम्राज्यवाद से एक देश द्वारा दूसरे देश के राजनीतिक शोषण का बोध होता है। राज्यों का अपने प्रभाव और नियन्त्रण को फैलाना ही साम्राज्यवाद कहा जायेगा। शूमा के अनुसार, "साम्राज्यवादी देश चाहे जितनी नैतिकता का स्वांग भरें और बहाने करें, परन्तु साम्राज्यवाद वास्तव में अधीन जातियों पर हिंसा और शक्ति के साधनों द्वारा विदेशी शासन लादने के अतिरिक्त और कुछ नहीं है।"
Pages: 179-182  |  997 Views  387 Downloads


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How to cite this article:
Dr. Deepika Yadav. ब्रिटिश साम्राज्यवाद और भारत. Int J Appl Res 2015;1(2):179-182.
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