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ISSN Print: 2394-7500, ISSN Online: 2394-5869, CODEN: IJARPF

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Vol. 1, Issue 2, Part C (2015)

छोटानागपुर क्षेत्र का भौगोलिक परिदृश्य एक अध्ययन

छोटानागपुर क्षेत्र का भौगोलिक परिदृश्य एक अध्ययन

Author(s)
मनोज कुमार पंडित
Abstract
झारखंड राज्य प्राकृतिक दृष्टि से दो मुख्य भागों में विभक्त है। छोटानागपुर और संथाल परगना। इसकी भौगोलिक स्थिति महत्त्वपूर्ण है। यह मध्य भारत के विशाल पठार पर पूर्वी भाग है। प्रकृति ने इसे भारत के अन्य प्रदेशों से बहुत कुछ पृथक कर दिया है। यह भाग पहाड़ों और जंगलों से भरा है। पहाड़ों में कितने ही सुन्दर झरने और जलप्रपात हैं। इसका उत्तरी और पूर्वी हिस्सा कम ऊँचाई प्रायः 600 मीटर है। हजारीबाग तथा गिरिडीह जिलों में बहुत-सी ऐसी पहाड़ियाँ हैं जो 600 से 1400 मीटर तक ऊँची हैं। यहाँ की पारसनाथ पहाड़ी झारखंड में सबसे ऊँची पहाड़ी मानी जाती है। जैन-धर्म से संबद्ध होने के कारण यह सम्पूर्ण भारत में प्रसिद्ध है। यहाँ गर्म जल के अनेक झरने हैं। राँची जिला में सबसे पहाड़ की ऊँचाई 1200 मीटर है। इसी जिले में हुंडू-जलप्रपात झारखंड का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध जलप्रपात है जो 100 मीटर की ऊँचाई से गिरता है।
Pages: 202-204  |  495 Views  107 Downloads


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How to cite this article:
मनोज कुमार पंडित. छोटानागपुर क्षेत्र का भौगोलिक परिदृश्य एक अध्ययन. Int J Appl Res 2015;1(2):202-204.
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