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International Journal of Applied Research
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ISSN Print: 2394-7500, ISSN Online: 2394-5869, CODEN: IJARPF

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Vol. 2, Issue 11, Part F (2016)

हठयोग के ग्रंथों में वर्णित षट्कर्मों के स्वस्थप्रद एवं चिकित्सीय लाभ

हठयोग के ग्रंथों में वर्णित षट्कर्मों के स्वस्थप्रद एवं चिकित्सीय लाभ

Author(s)
डाॅ. रमेश चन्द
Abstract
प्रस्तुत शोधपत्र ‘‘ हठयोग के ग्रंथों में वर्णित षट्कर्मो के स्वस्थ्यप्रद एवं चिकित्सीय लाभ’’ में वर्णित किया गया है कि हठयोग के प्रमुख ग्रंथ जैसे-हठप्रदीपिका, घेरण्ड संहिता तथा अष्टांगयोग में विभिन्न षट्कर्मो का वर्णन उनके चिकित्सीय पक्षों की दृष्टि से पाया जाता है। हठयोग पद्धति में षट्कर्मो का प्रयोग शरीर में स्थूल रूप से स्थित मलों के निवारण की प्रक्रिया हेतु प्रयोग में लाये जाते हैं; जिससे कि शारीरिक एवं मानसिक दोष, विभिन्न अग्नियाँ व धातुएँ संतुलित एवं प्राकृत अवस्था में व्यवस्थित होकर प्राणशक्ति के संचालन को गतिशील बनाये रखती हैं।
Pages: 383-385  |  1478 Views  279 Downloads
How to cite this article:
डाॅ. रमेश चन्द. हठयोग के ग्रंथों में वर्णित षट्कर्मों के स्वस्थप्रद एवं चिकित्सीय लाभ. Int J Appl Res 2016;2(11):383-385.
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