Vol. 5, Issue 9, Part A (2019)
जनपद कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में शस्य विविधता मापन का परिदृश्य
जनपद कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में शस्य विविधता मापन का परिदृश्य
Author(s)
मणीन्द्र कुशवाहा, प्रो0 डी0 सी0 पाण्डेय
Abstract
ढकपअझउत्तर प्रदेश राज्य के पूर्वी भाग में अध्ययन क्षेत्र कुशीनगर जनपद स्थित है। इस जनपद के मृदा का निर्माण गण्डक तथा इसके सहायक नदियों द्वारा लाये गये जलो-सजय़ मृदा से हुआ है, जो बहुत ही उपजाऊ है। उत्तम मृदाएवं तीन ऋतुओं के कारण यहंा पर तीन प्रकार की फसलें रबी, खरीफएवं जायद उगायी जाती हैं। इसमें कई फसलें जैसे -ंउचय धान, गेहूँ, मक्का, तिलहन, दलहन, गन्ना, हल्दी आदि मुख्य है। यहंा कुछ फसलों की अति सघनता पायी जाती है तो कुछ फसलों की कम सघनता। किसी मौसम मेंएक फसल की प्रधानता के साथ अन्य फसल गौण होते है। तो किसी मौसम में कई फसलेएक साथ उगायी जाती है।ढध्कपअझढकपअझकुशीनगर जनपद के कृषि क्रियाओं के इन्हीं विशेषताओं को देखते हुए हम यहां के तीन मुख्य फसलों (जो 10 प्रतिशत से अधिक भाग पर उपजाये जाते हैं) चावल, गेहूं, गन्ना के आधार पर शस्य विविधता अर्थात फसलों की विविधता या उनकी संख्या कितनी है का अध्ययन किये हैं, जिससे हमें पता चलता है कि जनपद के दक्षिणी भाग मंे स्थित विकासखण्ड सुकरौलीएवं फाजिलनगर में उच्च शस्य विविधता सूचकांक होने से यहां पर फसलों की विविधता कम पायी जाती है।ऐसे ही जनपद के उत्तरी भाग में स्थित विकासखण्डों में शस्य विविधता सूचकांक कम होने से वहां शस्य विविधता ज्यादा पायी जाती है। जैसे -ंउचय दूदही, विशुनपुरा, खड्डा विकासखण्ड।ढध्कपअझ
How to cite this article:
मणीन्द्र कुशवाहा, प्रो0 डी0 सी0 पाण्डेय. जनपद कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में शस्य विविधता मापन का परिदृश्य. Int J Appl Res 2019;5(9):26-30.