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ISSN Print: 2394-7500, ISSN Online: 2394-5869, CODEN: IJARPF

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Vol. 8, Issue 12, Part C (2022)

प्रियप्रवास के राधा और कृष्ण का लोकोपकारक स्वरूप

प्रियप्रवास के राधा और कृष्ण का लोकोपकारक स्वरूप

Author(s)
कंचन कुमारी
Abstract
‘प्रियप्रवास’ अयोध्या प्रसाद उपाध्याय जी का महाकाव्य है। इस महाकाव्य में राधा और कृष्ण नई कान्ति लिए गए हैं। राधा के तीन स्वरूप देखने को मिलते है, पहला प्रेमिका का है, दूसरा विरहणी है, तीसरे रूप में लोकोपकारक नायिका है। कृष्ण एक राष्ट्र नेता है जो व्यक्तिगत हित से राष्ट्रहित को उपर रखते हैं। इस शोध प्रबंध में इन दोनों ही पात्रों के लोकोपकारक स्वरूप को चिन्हित करने का प्रयास किया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि वे कौन-कौन से गुण थे, जिन्होंने इस काव्य को महाकाव्य की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया।
Pages: 175-177  |  910 Views  632 Downloads


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How to cite this article:
कंचन कुमारी. प्रियप्रवास के राधा और कृष्ण का लोकोपकारक स्वरूप. Int J Appl Res 2022;8(12):175-177.
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